आधी रात को पत्नी से लड़ाई ( व्यंग्य )
पिछली रात जब मैं सो रहा था तो कई बार बिजली आ रही थी जा रही थी। इतनी गर्मी में बिना पंखे के कब सोता कब जगता कुछ पता ही नहीं चल रहा था। बिजली की यह दशा देखकर आम इंसान को गुस्सा तो बहुत आता है लेकिन आम इंसान आखिरकार आम इंसान ही होता है वह अपना गुस्सा प्रकट नहीं कर सकता। बीवी के सामने प्रकट करें तो पिटने का डर, सरकार से विरोध प्रकट करें तो विद्रोही कहलाने का डर। डरते डरते हीं बेचारे की जिंदगी गुजरती है। मैं इसी उधेड़बुन में लगा था कि अचानक से लगभग ढाई बजे रात में बीवी को फेसबुक चलाते देखा। बुक पढ़ने का एक टाइम टेबल होता है, उसमेसे भी लोग समय की कटौती कर लेते हैं लेकिन फेसबुक एक ऐसा आविष्कार है जिसे पढ़ने के लिए किसी टाइम टेबल की जरूरत नहीं पड़ती लोग कितना भी पढ़े मन नहीं भरता, नींद भी नहीं सताती है। दूसरी ओर किताब है जिसे हाथ में लेते ही नींद आने लगती है। मैं अर्धचेतना में पूछ बैठा (चेतना में होता तो यह गुस्ताखी करता ही नहीं)-
"इतनी रात गए फेसबुक पर क्या कर रही हो".
उसने जवाब दिया- "एक इन्वर्टर तो तुमसे लगाया नहीं जाता, एक घड़ी को भी लाइन आए और पंखा चले तब तो सोऊं, पता नहीं सारी कमाई कहां उड़ा आते हो। कब से बोल रही हूं इनवर्टर के लिए। बड़े आए हो मुझसे जवाब तलब करने".
उसकी झल्लाहट सुनकर मुझे भी थोड़ा गुस्सा आ गया और मैं अपनी हद भूलकर कह बैठा-
"चुपचाप सो जाओ. इस तरह फेसबुक चलाने से अच्छा तो कल कुछ बुक ला दूंगा और उसे पढ़कर खुद कुछ बन जाना फिर चाहे इनवर्टर लगाओ या इनवर्टर की दुकान लगाओ।" मेरी पत्नी शादी से पहले मेरी प्रेमिका थी और हर प्रेमी की तरह मैंने भी उसे हर तरह की सुख-सुविधा मुहैया कराने का वादा किया था। चांद, तारे, सूरज, पता नहीं क्या-क्या तोड़कर लाने वाला था। शादी के बाद पहली बार नौकरी की जरूरत महसूस हुई, उसकी तलाश में बाहर निकला तो पता चला कि अगर ईश्वर को तलाशता तो इतने समय में कई बार मिल गया होता। नौकरी मिली भी तो ऐसी की 12 घंटे गधे की तरह खटो और गधे की तरह ही कुछ रुखा-सुखा वेतन लेकर घर जाओ।
अब भाई बीवी तो बीवी ठहरी वह सुना सकती है, बकायदा वह सुनाने के लिए ही बनी है लेकिन सुन तो नहीं सकती। और अर्धचेतना में मैं उसे सुनाने की भूल कर बैठा। फिर क्या था उसने जो कुहनी चलाई तो मैं अपना बाजू सहलाते हुए चौकी से नीचे जा गिरा।
कराहते हुए जब उठा तो हरबराहाट में नींद खुली और याद आया मेरी तो अभी शादी ही नहीं हुई यह कौन सी बीवी है जो फेसबुक और कोहनी एक नियंत्रण से चला रही है।
फिर यह सोचते हुए सो गया कि सुबह उठकर चोट पर ( जो गिरने से लगी है) मूव लगा लूंगा।
Good Night. @ अमित कुमार मिश्रा।
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