सच को छुपाया गया है (ग़ज़ल)
सरासर झूठ है जो अखबार में दिखाया गया है ऐहतियातन आवाम से सच को छुपाया गया है। अंधेरों के सौदागर खड़े हैं चारों ओर फूंक मारकर दीये को बुझाया गया है। खत में तो बुलावे का जिक्र ही बस था क्या पता किस इरादे से बज़्म में बुलाया गया है। आंसुओं का जज्बात से बड़ा गहरा नाता है कुछ तो राज है जो सिने में दफनाया गया है। लफ्जों की अदाकारी पर भरोसा क्यूँ न हो मुस्कुराकर, गले पर खंजर घुमाया गया है। फिर से उसके बहकावे में आ गए 'अमित' प्यास भड़काकर पानी छलकाया गया है।