जिंदगी के सवाल (गज़ल).
जिंदगी के सवालों का जवाब देना जरूरी है कोई राह देखता हो तो घर जाना जरूरी है। चलो छोड़ आता हूं सफ़र के अगले मोड़ तक तुम्हें कुछ कदम परिंदो के साथ जाना जरूरी है। हवा तेज हो तो खिड़कियाँ खुली ही रहने दो कुछ पुरानी यादों का कमरे में आना जरूरी है। बरबस कोई चेहरा घूमर आता हो यादों में ऐसे मौसम में पलकों का भींग जाना जरूरी है । भरी बरसात में कंपकंपाते अधरों को चूम लेना अगर गुनाह है, तो गुनाह करना जरूरी है ।