तुम आओगी ना
मैंने दिल के अरमान बिछा रखे हैं, तुम्हारे लिए तुम आओगी ना ? जमाने में किसी को नागवार नहीं मोहब्बत हमारी तुम मोहब्बत की डगर पर चलती जाओगी ना ? सब छोड़ आया हूं अपने पीछे, तुम्हारे लिए तुम हर कदम पर मेरा साथ निभाओगी ना ? मैं जलने को तैयार हूं बनकर परवाना तेरा बन कर समा तुम मेरी जिंदगी में उजाला लाओगी ना ? मर कर भी इन आंखों को रहेगा इंतजार तेरा कभी मेरी कब्र पर फूल चढ़ाने तुम आओगी ना ? हर हद से गुजर जाएगा ‘अमित’, इश्क में तेरे मेरी मैयत पर तुम दो कतरा आंसू गिराओगी ना ? @ अमित कुमार मिश्रा।